जिले के विकासखंड कन्नौद की ग्राम पंचायत नांदोन के ग्राम डाबरी में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा सोयाबीन फसल का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने किसानों के खेतों में पहुंचकर फसल में कीट एवं रोगों के प्रकोप तथा उससे होने वाले संभावित नुकसान का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सोयाबीन की फसल में कहीं-कहीं पीलापन दिखाई दिया। अधिकारियों ने किसानों को जानकारी दी कि फसल में पीलापन दिखाई देने का एक प्रमुख कारण पीला मोजेक रोग हो सकता है। इसका प्रसार मुख्य रूप से सफेद मक्खी कीटों के माध्यम से होता है।
अधिकारियों ने किसानों को सफेद मक्खी के प्रभावी नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल की 125 मिलीलीटर अथवा थायोमेथोक्साम 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी की 125 ग्राम मात्रा प्रति हेक्टेयर के उपयोग की जानकारी दी। साथ ही किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने, कीट एवं रोगों के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान करने तथा समय पर आवश्यक कृषि उपाय अपनाने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से फसल में किसी भी प्रकार के कीट अथवा रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क करने की अपील की, ताकि समय रहते उचित नियंत्रण उपाय किए जा सकें। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कन्नौद श्री जितेंद्र जाट, ग्राम पंचायत नांदोन के कृषि विस्तार अधिकारी श्री दिनेश चौहान सहित क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।




